Thursday, October 13, 2011

नव्या, डोरेमोन और मैं!




जब रिमोट नहीं मिलता और तुम डोरेमोन देख रही होती हो,
मैं समझ जाता हूँ तुम्हारी ये हरकत;
कभी तकिये के नीचे तो कभी उस सामने रखे सोफ़े की गद्दी के पीछे जैसे खुद ही जा छिपा था वो।

मुझे याद है, अभी कुछ ही दिन पहले की तो बात है,
अपने अधबने घर की सीढ़ियों पर रखा तसला;
तुमको वो तसला एक डोरा-केक नज़र आया था और मेरे लिए एक रास्ता रोकती अड़चन।

सीख रहा हूँ धीरे-धीरे तुमसे, नज़रिये बदलना,
तुमने ही कहा था कि साइकिलें पार्क में चलती हैं सड़कों पे नहीं;
चोंक कर इस सच्चाई पे हामी भरी थी मैंने।

वैसे तो लगता है कि फासला ज्यादा नहीं मेरी पसंद और नापसंद में,
लेकिन तुमसे लड़कर मूवी चैनल बदल देने में अपना ही मज़ा है;
हाँ तुम भी सीख चुकी हो रोने का वो ढंग, मैं भी अंततः डोरेमोन ही देख रहा होता हूँ।